अजब ग़ज़ब: तेजस एक्सप्रेस को मीडिया ने बताया भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन

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तेजस एक्सप्रेस को मीडिया हाउस भारत की पहली “प्राइवेट” ट्रेन के रूप में प्रस्तुत कर रहा है जो की असत्य है, तेजस के ओप्रेशन की जिम्मेदारी IRCTC की है। IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) की पैरेंट कंपनी कोई और नहीं भारतीय रेलवे ही है। IRCTC एक सरकारी कंपनी है जो भारतीय रेलवे के नीचे काम करती है जिसकी मुख्य जिम्मेदारीयों में ऑनलाइन सामान्य एवं तत्काल टिकट, टूरिस्ट पैकेज, हवाई टिकट, और रेलवे जलपान शामिल है।

IRCTC को कुछ ट्रेनों के संपूर्ण ऑपरेशन की जिम्मेदारी भी दी गई है जिसमें दो लक्जरी टूरिस्ट ट्रेन “बुद्ध सर्किट ट्रेन महापरिवर्तन एक्सप्रेस” एवम “महाराजा एक्सप्रेस” जो पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से चल रही हैं ।

5 अक्टूबर 2019 को IRCTC ने पहली रेगूलर रूट लखनऊ और दिल्ली के बीच तेजस की जिम्मेदारी ली जिसको IRCTC हफ्ते में 6 दिन ऑपरेट करेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं तेजस एक्सप्रेस मुंबई से करमाली और चेन्नई से मदुरई के बीच पिछले दो सालों से संचालन में है जिसकी जिम्मेदारी सेंट्रल रेलवे जोन और दक्षिण रेलवे जोन की है ।

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क्या रेलवे के निजीकरण के फर्जी मुद्दे को लेकर महज बवाल काटा जा रहा है?

जी हां, हर मीडिया हाउस यहा तक की विकीपिडिया पर भी तेजस को भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन के रूप में दिखाया जा रहा है, जब की सत्य ये है की तेजस किसी निजी कंपनी द्वारा संचालित नहीं करी जा रही बल्की रेलवे की ही सब्सीडरी कंपनी द्वारा स्वतंत्र तरीके से संचालित हो रही है।

रेलवे द्वारा दिए गए लोको पायलट, टीटी, ट्रेन का तकनीकी स्टाफ का खर्च IRCTC रेलवे को देगा, गाड़ी के लेट होने पर प्रतिघंटे 100 रुपये प्रति यात्री दिये जाएंगे।

अस्वीकरण: यह पोस्ट सोशल मीडिया पर अभिषेक शुक्ल द्वारा लिखे गए पोस्ट की कॉपी है जिसे व्याकरण शुद्धि के बाद पब्लिश किया गया है। इस पोस्ट में व्यक्त किये विचारों का हिंगलिश न्यूज़ किसी भी तरह से समर्थन नहीं करता है।

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